रूस के विदेश मंत्री सिर्गेई लावरोफ़ ने कहा कि अमरीका अपने घटकों ख़ास तौर पर कुर्दों के साथ सीरिया में फ़ुरात नदी के पूर्वी भाग में राज्य जैसी व्यवस्था क़ायम करने और अवैध ढांचा तय्यार करने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने फ़्रांस के अख़बार ली फ़िगारो, पैरिस मैच और रूसी टीवी चैनल रशिया टुडे के साथ इंटरव्यू में कहाः "सीरिया के पूर्वी फ़ुरात क्षेत्र के बड़े भूभाग पर अस्वीकार्य गतिविधियां हो रही हैं।"
लावरोफ़ ने कहाः "अमरीका इन ज़मीनों पर अपने सीरियाई घटकों ख़ास तौर पर कुर्दों के ज़रिए राज्य जैसी व्यवस्था क़ायम करना चाहता है।"
वरिष्ठ रूसी कूटनयिक ने कहाः "अमरीका अवैध तरीक़े से इस क्षेत्र पर सीरिया गणराज्य जैसी वैध व्यवस्था के मुक़ाबले में एक वैकल्पिक शासन व्यवस्था अपने अधीनस्थ लोगों के लिए बनाना चाहता है और वहां सामान्य जीवन जीने के अनुकूल स्थिति बनाने के लिए हर काम करने की कोशिश कर रहा है।"
रूसी विदेश मंत्री ने बल दिया कि अमरीका अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में मौजूद शरणार्थियों को पूर्वी फ़ुरात के क्षेत्र में बसने के लिए प्रेरित कर सीरिया में शांति प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है।
जब लावरोफ़ से यह पूछा गया कि आख़िर वे (अमरीका और उसके घटक) एक विश्वस्त राजनैतिक प्रक्रिया के शुरु होने तक क्यों नहीं इंतेज़ार कर रहे हैं जबकि फ़ुरात नदी के पूर्वी किनारे पर अमरीका और उसके स्थानीय घटकों का नियंत्रण है?
इस सवाल के जवाब में रूसी विदेश मंत्री ने कहाः "एक ऐसा क्षेत्र क़ायम करने की योजना है जो नए राज्य का नमूना होगा या इराक़ी कुर्दिस्तान के साथ मिल कर सबसे ख़तरनाक खेल का अगला चरण होगा जो कथित एकीकृत कुर्दिस्तान का विचार कहलाता है।